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त्रिशूली टनल में छिपा था मौत का मंजर, नेपाल बाढ़ के बाद मिले 13 शव

SHIDDHANT
18 Sept 2026 9:29 PM IST
त्रिशूली टनल में छिपा था मौत का मंजर, नेपाल बाढ़ के बाद मिले 13 शव
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नेपाल में तबाही का खौफनाक सच सुरंगों से अब भी निकल रहे शव
Kathmandu: काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के 22 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। आपदा प्रभावित इलाकों में अब भी शव मिलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को चिलिमे हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग से चार शव बरामद किए गए, जबकि अन्य स्थानों से भी कई शव मिलने की जानकारी सामने आई है। नेपाल की डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 1403 तक पहुंच गई है। वहीं, करीब 6150 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान चला रही हैं। जानकारी के मुताबिक, बाढ़ के पानी और भूस्खलन से नेपाल के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। इस आपदा में 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुए हैं। कई परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी भी फंस गए थे। बचाव दल अब सुरंगों और मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
त्रिशूली टनल से भी मिले शव
बचाव अभियान के दौरान त्रिशूली टनल और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर मलबा हटाने और सुरंगों की जांच का काम लगातार चल रहा है। चिलिमे हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग से मिले चार शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा पांच अन्य शव दूसरी जगहों पर मिलने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें निकालने का काम किया जा रहा है।
तीन कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया
आपदा के दौरान हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में कई कर्मचारी फंस गए थे। राहत टीमों ने अब तक तीन कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। हालांकि, अभी भी कई लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान में स्थानीय सुरक्षा बलों, आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी जारी है।
बढ़ता जा रहा नुकसान का आंकड़ा
नेपाल में आई इस आपदा ने बड़े स्तर पर जनजीवन प्रभावित किया है। कई सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों की चुनौती के बावजूद बचाव टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
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